स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 28 March 2025 02:40:45 PM
कानपुर। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने आईआईटी कानपुर में एशिया के सबसे बड़े अंतर महाविद्यालय तकनीकी और उद्यमिता महोत्सव टेककृति-2025 का उद्घाटन किया। सीडीएस ने फायरसाइड चैट में प्रतिभागियों को भारतीय सशस्त्र बलों में उन्नति और आधुनिकीकरण की जानकारी देते हुए भविष्य के युद्धों की उभरती चुनौतियों विशेष रूपसे साइबर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम और संज्ञानात्मक क्षेत्रों में तैयारी पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। जनरल अनिल चौहान ने तकनीकी प्रगति, रणनीतिक सोच और अनुकूलनशीलता को अपनाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने अनुशासन, उदारता, साहस और बलिदान के मूल्यों का उल्लेख करते हुए विद्वानों, छात्रों और एनसीसी कैडेट्स सहित युवाओं को रक्षा प्रौद्योगिकी में करियर बनाने केलिए प्रेरित किया।
टेककृति की एक प्रमुख विशेषता अत्याधुनिक रक्षा तकनीक को प्रदर्शित करने केलिए एक विशेष खंड 'रक्षाकृति' था। सशस्त्र बलों, शिक्षाविदों और रक्षा उद्योग केबीच सामंजस्य को और बढ़ावा देते हुए जनरल अनिल चौहान ने उभरते प्रौद्योगिकीविदों से वार्तालाप किया। इस कार्यक्रम ने शोधकर्ताओं को उद्योग जगत के प्रमुखों से जोड़ने केलिए एक शानदार मंच प्रदान किया, जिससे स्वायत्त ड्रोन जैसी उन्नत तकनीकों के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आयात निर्भरता को कम करने में सहायता मिली। टेककृति के उद्घाटन कार्यक्रम में एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित एओसी-इन-सी सेंट्रल एयर कमांड और प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल निदेशक आईआईटी कानपुर सहित कई विशिष्ट अतिथि शामिल हुए। इस वर्ष का विषय ‘पंता रेई’ (सबकुछ बहता है), प्रौद्योगिकी और नवाचार के निरंतर विकास का उल्लेख करता है। टेककृति-2025 प्रौद्योगिकी, उद्यमशीलता और सहयोग का एक उल्लेखनीय उत्सव होने की वचनबद्धता निभाते हुए खोज और नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाता है।