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Wednesday 2 April 2025 05:29:34 PM
मुंबई। भारतीय नौसेना की पश्चिमी कमान के अंतर्गत संचालित होनेवाले अग्रणी युद्धपोत आईएनएस तरकश ने समुद्र में अपराध से निपटने और क्षेत्रीय सुरक्षा को सशक्त करने की नौसेना की अटूट प्रतिबद्धता के अंतर्गत पश्चिमी हिंद महासागर में 2500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ को जब्त किया है। आईएनएस तरकश अपने समुद्री सुरक्षा कर्तव्यों में समर्पित जनवरी-2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में तैनात है। आईएनएस तरकश यह संयुक्त कार्यबल (सीटीएफ) 150 को सक्रिय रूपसे अपनी सहायता दे रहा है, जो संयुक्त समुद्री बलों का हिस्सा है और बहरीन में स्थित है। यह युद्धपोत बहुराष्ट्रीय बलों के संयुक्त नौसैन्य कार्रवाई अभ्यास एनजैक टाइगर में भाग ले रहा है।
गौरतलब हैकि आईएनएस तरकश को गश्त के दौरान भारतीय नौसेना के पी8आई विमान से क्षेत्रमें कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों की कई सूचनाएं मिली थीं। ये जहाज अवैध कार्यों में शामिल थे, इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी भी शामिल थी। कार्रवाई के दौरान आईएनएस तरकश ने संदिग्ध जहाजों को रोकने केलिए अपना पैंतरा बदल दिया। आईएनएस तरकश ने आस-पास केसभी संदिग्ध जहाजों से व्यवस्थित रूपसे पूछताछ करने केबाद पी8आई तथा मुंबई में समुद्री परिचालन केंद्र केसाथ समन्वित प्रयासों से एक संदिग्ध डाउ नौका को रोका और उसपर कार्रवाई की। इसके अतिरिक्त आईएनएस तरकश ने संदिग्ध जहाज की गतिविधियों पर नज़र रखने व क्षेत्रमें आवागमन करने वाले अन्य जहाजों की पहचान करने केलिए अपना विशेष हेलीकॉप्टर रवाना किया।
आईएनएस तरकश की कार्रवाई के दौरान मरीन कमांडो केसाथ एक विशेषज्ञ बोर्डिंग टीम संदिग्ध नौका पर चढ़ी और गहन तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न सीलबंद पैकेट बरामद हुए। आगे की तलाशी और पूछताछ से पता चलाकि जहाज पर विभिन्न कार्गो होल्ड तथा डिब्बों में 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ (जिसमें 2386 किलोग्राम हशीश व 121 किलोग्राम हेरोइन शामिल थे) रखे हुए थे। संदिग्ध डाउ नौका को बादमें आईएनएस तरकश के नियंत्रण में लिया गया और चालक दल से उनकी कार्यप्रणाली तथा क्षेत्रमें अन्य समान जहाजों की उपस्थिति के बारेमें व्यापक पूछताछ की गई। यह जब्ती समुद्र में मादक पदार्थों की तस्करी सहित अवैध गतिविधियों को रोकने और नियंत्रित करने में भारतीय नौसेना की प्रभावशीलता एवं कार्य कुशलता को रेखांकित करती है। बहुराष्ट्रीय अभ्यासों में भारतीय नौसेना की भागीदारी का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय जल क्षेत्रमें सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना है।