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Monday 4 February 2019 01:24:34 PM
श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लेह, जम्मू और श्रीनगर के एक दिवसीय दौरे पर वहां कई विकासोंमुख परियोजनाओं उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कंपकंपा देने वाली सर्दी में कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित जनता की सराहना करते हुए कहा कि जो लोग कठिन परिस्थितियों में रहते हैं, वे हर मुश्किल को चुनौती देते हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत उन परिस्थितियों को नहीं भूलेगा, जिनमें पंडितों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। उन्होंने कहा कि देश को उन लोगों के साथ निश्चित रूपसे खड़ा होना चाहिए, जिन्हें पड़ोसी देशों द्वारा सताया गया व जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय सैन्य जवानों की सुरक्षा के लिए सीमा पर 14000 बंकर बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने 500 करोड़ रुपये के अनुदान के साथ ओआरओपी के साथ छल करने की कोशिश की थी, जबकि हमने 35000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। उन्होंने लद्दाख विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय की लंबे समय से मांग रही है और लद्दाख विश्वविद्यालय के पूरे होने पर यह लेह, कारगिल, नुब्रा, ज़ांस्कर, द्रास और ख़ाल्सती के डिग्री महाविद्यालयों से निर्मित एक क्लस्टर विश्वविद्यालय होगा तथा छात्रों की सुविधा के लिए लेह और कारगिल में प्रशासनिक कार्यालय भी होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दातांग गांव के पास दाह में 9 मेगावाट डीएएच पनबिजली परियोजना और 220 केवी श्रीनगर-अलस्टेंग-द्रास-कारगिल-लेह संचरण प्रणाली का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रिड से जुड़कर जम्मू-कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि यह न केवल ग्रीष्मकाल में बिजली निकासी करने में मदद करेगा, बल्कि इस क्षेत्र में सर्दियों में जब तापमान में गिरावट और हाइड्रो बिजली उत्पादन समरूप नहीं रहते हैं, बिजली की आपूर्ति करेगा और यह परियोजना किफायती दरों पर लद्दाख क्षेत्र की बिजली की मांग पूरा करेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि उचित दरों पर बिजली उपलब्ध होने से लद्दाख में आतिथ्य उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि डीजल सेटों पर उनकी निर्भरता कम हो जाएगी और यह सभी मौसमों में किफायती प्रवास की तलाश कर रहे पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि लद्दाख में पांच नए पर्यटक और ट्रैकिंग मार्ग खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई शहर अच्छी तरह से संपर्क से जुड़ जाता है, वहां आर्थिक रूपसे भी जीवन आसान हो जाता है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन पूरी हो जाने पर दिल्ली से लेह की दूरी कम हो जाएगी। प्रधानमंत्री ने लेह में कुशोक बकुला रिम्पोछे हवाईअड्डे के नए टर्मिनल भवन का शिलान्यास किया, जो सभी आधुनिक सुविधाओं के साथ निर्बाध यात्री आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगा।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन परियोजनाओं का परिणाम बिजली की बेहतर उपलब्धता, बेहतर कनेक्टिविटी के रूपमें सामने आएगा, यह कई गांवों के लिए बेहतर आजीविका के अवसर भी खोलेगा। उन्होंने कहा कि संरक्षित क्षेत्र परमिट की वैधता 15 दिन के लिए बढ़ा दी गई है, अब पर्यटक अधिक समय तक लेह की अपनी यात्रा का आनंद ले सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि एलएएचडीसी अधिनियम में कुछ बदलाव किए गए हैं और परिषद को व्यय के संबंध में और अधिक अधिकार दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब स्वायत्त परिषद, क्षेत्र के विकास के लिए भेजी गई धनराशि जारी करती है। प्रधानमंत्री ने सांबा के विजयपुर में एम्स की आधारशिला रखी और कहा कि इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलेगी और इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा पेशागत लोगों की कमी दूर होगी। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि जम्मू-कश्मीर मेडिकल कॉलेजों में जल्द ही 500 और सीटें जोड़ी जाएंगी। प्रधानमंत्री ने यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कठुआ का उद्घाटन करते हुए खुशी जताई कि जम्मू के युवाओं को 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटा से लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने जम्मू में भारतीय जन संचार संस्थान के उत्तरी क्षेत्रीय केंद्र परिसर के निर्माण की आधारशिला भी रखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर घाटी में कश्मीरी प्रवासी कर्मचारियों के लिए पारगमन आवास के निर्माण की आधारशिला रखी। उन्होंने कहा कि विस्थापित कश्मीरियों को 3000 पदों पर नियुक्त करने का कार्य जारी है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत देविका और तवी नदियों के प्रदूषण को कम करने की परियोजना की आधारशिला रखी, जिसका मार्च 2021 तक पूरा होना निर्धारित है। उन्होंने सजवाल में चिनाब नदी पर 1640 मीटर चौड़ाई के दो लेन पुल का शिलान्यास किया, जो सजवाल और इंद्री पट्टियन की आबादी के लिए एक वैकल्पिक मार्ग प्रदान करेगा, जिससे दोनों स्थानों के बीच यात्रा की दूरी 47 किलोमीटर से घटकर 5 किलोमीटर तक आ जाएगी। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर में संपर्क को बेहतर बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस मौके पर जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक, केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, जम्मू एवं कश्मीर के विधानपरिषद के अध्यक्ष हाजी अनायत अली, भारत सरकार के सचिव (बिजली) एके भल्ला, पावरग्रिड के सीएमडी रवि पी सिंह, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार और पावरग्रिड के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।