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Monday 5 November 2018 05:50:10 PM
नई दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग, जहाजरानी, जलसंसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश को परिवहन क्षेत्र के विकास के लिए भविष्य की टेक्नोलॉजी की आवश्यकता है। नितिन गडकरी ने आज नई दिल्ली में यात्री रोपवे परियोजना के लिए सम्पूर्ण समाधान प्रदान करने के लिए भारत सरकार की अग्रणी इंजीनियरिग कंसलटेंसी संगठन वैपकोस और डॉपेलमेर के बीच हुए समझौते के दौरान कहा कि इससे भारत में शहरी परिवहन की खराब छवि बदल जाएगी। उन्होंने शहरों में भीड़भाड़ में कमी लाने तथा प्रदूषण में कटौती की आवश्यकता पर बल दिया और प्रदूषण मुक्त व प्रभावी परिवहन नवाचारों को प्रोत्साहित करने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि रोपवे, केबल कार, फनीकुलर रेलवे पर्वतीय और कठिनाई वाले क्षेत्रों के लिए तथा भीड़भाड़ वाले शहरों में अंतिम संपर्क विकल्प के रूपमें परिवहन के उपयोगी साधन हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि टू टीयर शहरों के लिए भी यह परिवहन विकल्प उपयोगी होंगे और परिवहन विकल्प लोगों को निजी से सार्वजनिक परिवहन की ओर जाने के लिए प्रेरित करेंगे।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत सरकार का अग्रणी इंजीनियरिग कंसलटेंसी संगठन वैपकोस 45 देशों से अधिक देशों में परियोजनाओं के साथ भारतीय बहुराष्ट्रीय संगठन हो गया है। ऑस्ट्रिया की डॉपेलमेर विश्व की सबसे बड़ी रोपवे निर्माता कंपनी है और इसके पास अत्याधुनिक रोपवे टेक्नोलॉजी है, इसने विश्व में 15,000 से अधिक रोपवे लगाए हैं। समझौता ज्ञापन में संभावना अध्ययन तैयारी, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, निर्माण, उपकरण सप्लाई, संचालन तथा रखरखाव के सभी पहलू शामिल किए गए हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि समझौता ज्ञापन से विभिन्न राज्यों में यात्री सुरक्षा और विश्वसनीयता के वैश्विक रूपसे स्वीकृत मानकों वाली रोपवे परियोजनाओं के विकास में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं न केवल यातायात, भीड़भाड़ और प्रदूषण को कम करेंगी, बल्कि पर्यटन स्थलों के विकास में योगदान देंगी और रोज़गार के अवसर भी प्रदान करेंगी।
नितिन गडकरी ने बताया कि केबल कार तथा रोपवे परियोजना बोलिबिया, वियतनाम, स्वीट्जरलैंड तथा अन्य देशों में सफल साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार हाईब्रीड एक्रोबोट जैसे वाहनों के उपयोग की संभावना तलाश रही है, हाईब्रीड एक्रोबोट में जमीन, जल और वायु टेक्नोलॉजी है और जमीन, जल और आसमान में 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की अधिक गति से चल सकती है। उन्होंने बताया कि परिवहन के लिए गंगा सहित 10 राष्ट्रीय जलमार्ग विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही वाराणसी से बांग्लादेश तथा देश के पूर्वोत्तर राज्यों में जल मार्ग से समान भेजे जा सकते हैं। नितिन गडकरी ने परिवहन क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मेथनॉल, इथनॉल, बिजली स्रोतों से देश तेल आयात में बड़ी बचत कर सकता है।