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Monday 24 February 2025 06:46:45 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल में आज ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 का शुभारंभ करते हुए प्राचीन लाल किले से दिएगए अपने वक्तव्य को दोहराते हुए कहा हैकि मध्य प्रदेश में निवेश और बढ़-चढ़कर निवेश करने का यह सही समय है। उन्होंने कहाकि राजा भोज की धरती पर निवेशकों और व्यापार जगत के दिग्गजों का स्वागत करना उनके लिए बहुत गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने 18 नई नीतियों का भी अनावरण किया, जो औद्योगिक विकास और रोज़गार को नई गति देंगी। उन्होंने कहाकि यह आयोजन महत्वपूर्ण है, क्योंकि विकसित भारत की यात्रा में विकसित मध्य प्रदेश की आवश्यकता है। उन्होंने शिखर सम्मेलन के शानदार आयोजन केलिए मध्य प्रदेश सरकार को बधाई दी। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दुनिया भारत को लेकर आशावादी है, आम नागरिक हों या नीति विशेषज्ञ या संस्थाएं या दुनिया के देश, सभीको भारत से बहुत उम्मीदें हैं। उन्होंने जिक्र कियाकि पिछले कुछ हफ्तों में भारत के बारेमें जो टिप्पणियां मिली हैं, उनसे निवेशकों का उत्साहवर्धन होगा। विश्व बैंक के हाल ही में दिए गए उस बयान को याद करते हुएकि भारत सबसे तेजीसे बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा, प्रधानमंत्री ने प्रकाश डालाकि आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) के एक प्रतिनिधि ने टिप्पणी में कहा हैकि दुनिया का भविष्य भारत में है। उन्होंने कहाकि हालही में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्तराष्ट्र के एक संगठन ने भारत को सौर ऊर्जा महाशक्ति घोषित किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि एक नई रिपोर्ट से पता चला हैकि कैसे भारत वैश्विक एयरोस्पेस फर्मों केलिए एक उत्कृष्ट आपूर्ति श्रृंखला के रूपमें उभर रहा है, ये फर्म भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला चुनौतियों के समाधान के रूपमें देखती हैं। प्रधानमंत्री ने भारत में दुनिया के विश्वास को प्रदर्शित करने वाले विभिन्न उदाहरणों का हवाला दिया, जो हर भारतीय राज्य का आत्मविश्वास भी बढ़ा रहा है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश में आयोजित ग्लोबल समिट में यह आत्मविश्वास स्पष्ट रूपसे दिखाई देता है। यह बताते हुए कि मध्य प्रदेश जनसंख्या के हिसाब से भारत का पांचवां सबसे बड़ा राज्य है नरेंद्र मोदी ने कहाकि मध्य प्रदेश कृषि और खनिज के मामले में भारत के शीर्ष राज्यों में से एक है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी का आशीर्वाद प्राप्त है और मध्य प्रदेश में सकल घरेलू उत्पाद के हिसाब से भारत के शीर्ष पांच राज्यों मेंसे एक बनने की क्षमता है। प्रधानमंत्री ने कहाकि एक समय था, जब राज्य को बिजली-पानी की बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था और कानून व्यवस्था की स्थिति औरभी खराब थी, इन परिस्थितियों ने औद्योगिक विकास को मुश्किल बना दिया था। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दो दशक पहले लोग मध्य प्रदेश में निवेश करने से हिचकिचाते थे, जबकि आज मध्य प्रदेश निवेश केलिए देश के शीर्ष राज्यों में से एक बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि मध्य प्रदेश, जो कभी खराब सड़कों से जूझ रहा था, अब भारत की ईवी क्रांति में अग्रणी राज्यों में से एक है। उन्होंने कहाकि जनवरी 2025 तक मध्य प्रदेश में लगभग 2 लाख इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत किए गए थे, जो लगभग 90 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है और इसबात का संकेत हैकि मध्य प्रदेश नए विनिर्माण क्षेत्रों केलिए एक उत्कृष्ट गंतव्य बन रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत ने इस एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रमें उछाल देखा है और मध्य प्रदेश को इस विकास से बहुत लाभ हुआ है। उन्होंने उल्लेख कियाकि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, जो दो प्रमुख शहरों को जोड़ता है, मध्य प्रदेश से होकर गुजरता है, जो मुंबई के बंदरगाहों और उत्तर भारत के बाजारों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है। उन्होंने बतायाकि मध्य प्रदेश में अब पांच लाख किलोमीटर से ज्यादा का सड़क नेटवर्क है, यहां के औद्योगिक गलियारे आधुनिक एक्सप्रेसवे से जुड़े हुए हैं, जिससे लॉजिस्टिक क्षेत्र में तेजीसे विकास सुनिश्चित हो रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हवाई संपर्क को बेहतर बनाने केलिए ग्वालियर और जबलपुर हवाई अड्डों के टर्मिनलों का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क का व्यापक तौरपर आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश में रेल नेटवर्क ने शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। उन्होंने कहाकि भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की तस्वीरें सभीको आकर्षित करती हैं, इसी मॉडल पर चलते हुए अमृत भारत स्टेशन योजना केतहत मध्य प्रदेश के 80 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज मध्य प्रदेश लगभग 31000 मेगावाट की बिजली उत्पादन क्षमता केसाथ बिजली की मांग से अधिक उत्पादन करने वाला राज्य है, जिसमें से 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा है। उन्होंने प्रकाश डालाकि रीवा सोलर पार्क देश के सबसे बड़े पार्कों में से एक है और हालही में ओंकारेश्वर में एक फ्लोटिंग सोलर प्लांट का उद्घाटन किया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सरकार ने बीना रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स में लगभग 50000 करोड़ रूपये का निवेश किया है, जो मध्य प्रदेश को पेट्रोकेमिकल का केंद्र बनाने में मदद करेगा। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश सरकार आधुनिक नीतियों और विशेष औद्योगिक इंफ्राक्ट्रक्चर केसाथ इसका समर्थन करती है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश में 300 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं तथा पीथमपुर, रतलाम और देवास में हजारों एकड़ में निवेश क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में निवेशकों केलिए बेहतर लाभ की अपार संभावनाओं से अवगत कराया। प्रधानमंत्री ने औद्योगिक विकास केलिए जल सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहाकि एक ओर जल संरक्षण के प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नदियों को आपस में जोड़ने केलिए एक बड़े अभियान को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश में कृषि और उद्योग क्षेत्र को इन पहलों से बहुत लाभ होगा, करीब 45000 करोड़ रुपये की केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना लगभग 10 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि की उत्पादकता बढ़ाएगी और मध्य प्रदेश में जल प्रबंधन को मजबूत करेगी। उन्होंने कहाकि ये सुविधाएं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उद्योग और कपड़ा क्षेत्रोंमें महत्वपूर्ण संभावनाओं के द्वार खोलेंगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि केंद्र सरकार राज्य और देश के विकास केलिए मध्य प्रदेश सरकार केसाथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। उन्होंने अपने तीसरे कार्यकाल में तीन गुना तेजीसे काम करने के चुनाव के दौरान अपने वादे को याद करते हुए कहाकि यह गति 2025 के पहले 50 दिन में स्पष्ट है। नरेंद्र मोदी ने बजट पर प्रकाश डाला, जिसने भारत के विकास केलिए हर उत्प्रेरक को ऊर्जा प्रदान की है। उन्होंने कहाकि बजट में विनिर्माण में पूर्ण आत्मनिर्भरता प्राप्त करने केलिए स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहाकि एक समय था, जब पिछली सरकारों ने एमएसएमई की क्षमता को सीमित कर दिया था, जिससे स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं का मनोनुकूल विकास नहीं हो पाया था। उन्होंने कहाकि एमएसएमई के नेतृत्व वाली स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करना हमारी मौजूदा प्राथमिकता है। उन्होंने कहाकि एमएसएमई की परिभाषा में सुधार किया गया है और क्रेडिट-लिंक्ड प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं, साथही ऋण तक पहुंच को आसान बनाया जा रहा है और मूल्यसंवर्धन तथा निर्यात केलिए समर्थन बढ़ाया गया है। प्रधानमंत्री ने बजट में शामिल राज्य विनियमन आयोग पर कहाकि पिछले एक दशक में राष्ट्रीय स्तरपर महत्वपूर्ण सुधारों को गति दी गई है, अब राज्य और स्थानीय स्तरपर भी सुधारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि इसका उद्देश्य उन नियमों की पहचान करना है, जो कारोबारी सुगमता के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न करते हैं और विनियमन आयोग राज्यों में निवेश के अनुकूल नियामक इकोसिस्टम बनाने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि बजट ने आधारभूत सीमा शुल्क संरचना को सरल बनाया है और उद्योग केलिए कई आवश्यक इनपुट पर दरों को कम किया है। उन्होंने कहाकि सीमा शुल्क मामलों के मूल्यांकन केलिए समयसीमा निर्धारित की जा रही है। उन्होंने निजी उद्यमिता और निवेश केलिए नए क्षेत्रों को खोलने केलिए मौजूदा प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि इसवर्ष परमाणु ऊर्जा, जैव विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण और लिथियम बैटरी निर्माण जैसे रास्ते निवेश केलिए खोले गए हैं। उन्होंने कहाकि ये कदम सरकार की मंशा और प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि वस्त्र, पर्यटन और प्रौद्योगिकी क्षेत्र भारत के विकसित भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और करोड़ों नए रोज़गार सृजित करेंगे। उन्होंने कहाकि भारत कपास, रेशम, पॉलिएस्टर और विस्कोस का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है, कपड़ा क्षेत्र करोड़ों लोगों को रोज़गार देता है और भारत में वस्त्र उद्योग की समृद्ध परंपरा, कौशल और उद्यमिता है। उन्होंने कहाकि मध्य प्रदेश भारत की कॉटन कैपिटल होने के नाते देशकी जैविक कपास आपूर्ति में लगभग 25 प्रतिशत का योगदान देता है और शहतूत रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक है, जबकि राज्य की चंदेरी और माहेश्वरी साड़ियों की बहुत सराहना की जाती है और उन्हें जीआई टैग प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहाकि इस क्षेत्रमें निवेश से मध्य प्रदेश के वस्त्रों को वैश्विक वैश्विक तौरपर स्थापित करने में काफी मदद मिलेगी।
भारत में पारंपरिक वस्त्रों के अलावा नए रास्ते तलाशने के बारेमें बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि कृषि वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र और भू-वस्त्र जैसे तकनीकी वस्त्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है और इसके लिए एक राष्ट्रीय मिशन शुरू किया गया है, जिसे बजट में प्रोत्साहित किया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सरकार की पीएम मित्र योजना सर्वविदित है और देशभर में सात बड़े टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से एक मध्य प्रदेश में है, यह पहल कपड़ा क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। प्रधानमंत्री ने निवेशकों से कपड़ा क्षेत्र केलिए घोषित पीएलआई योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया। नरेंद्र मोदी ने एमपी पर्यटन अभियान ‘एमपी अजब है, सबसे गजब है’ को याद किया, जिसमें नर्मदा नदी के आसपास और मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रोंमें पर्यटन संबंधी इंफ्राक्ट्रक्चर के महत्वपूर्ण विकास पर प्रकाश डाला। प्रधानमंत्री ने राज्य में कई राष्ट्रीय उद्यानों और हेल्थ एंड वेलनेस टूरिज्म की अपार संभावनाओं के बारेमें बताया। उन्होंने कहाकि हील इन इंडिया मंत्र वैश्विक लोकप्रियता प्राप्त कर रहा है और स्वास्थ्य एवं कल्याण क्षेत्रमें निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं, सरकार इस क्षेत्रमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी को भी प्रोत्साहित कर रही है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत के पारंपरिक उपचार एवं आयुष को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है और विशेष आयुष वीजा जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने आगंतुकों को उज्जैन में महाकाल के दर्शन केलिए प्रोत्साहित किया, जहां उन्हें महाकाल से आशीर्वाद मिलेगा और यह अनुभव होगाकि देश अपने पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र का विस्तार कैसे कर रहा है। गौतम अडानी, गोदरेज, आदित्य बिड़ला जैसे दिग्गज निवेशक ऑनलाइन रूपसे भी सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई छगनभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उपस्थित थे।