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'कौशल उद्यमिता से महिलाएं बनेंगी स्वावलंबी'

जयंत चौधरी ने शुरू किया स्वावलंबिनी महिला उद्यमिता कार्यक्रम

देशभर में महिलाओं के नेतृत्व वाली विकास की पहलों को बढ़ावा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 3 March 2025 12:30:47 PM

jayant chaudhary started the swavalambanni women entrepreneurship program

मेरठ। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने स्वावलंबिनी महिला उद्यमिता कार्यक्रम शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं में अपना खुदका व्यवसाय स्थापित करने केलिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है। उन्होंने कहाकि हम महिलाओं को जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों के रूपमें सूचीबद्ध कर रहे हैं और महिलाओं के नेतृत्व वाली विकास पहलों को बढ़ावा दे रहे हैं, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी संकल्पना है। जयंत चौधरी ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और नीति आयोग के संयुक्त सहयोग में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में स्वावलंबिनी महिला उद्यमिता कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहाकि भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशामें यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जो उच्चशिक्षा संस्थानों में छात्राओं को उनके उद्यमों को सफलतापूर्वक बनाने और बढ़ावा देने केलिए आवश्यक उद्यमशील मानसिकता, संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करके उन्हें और सशक्त बनाएगा।
केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहाकि विकसित भारत केलिए महिलाओं की भागीदारी भी बहुत जरूरी है और हम बाधाओं को तोड़कर महिलाओं को सही संसाधन, प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता प्रदान करके उनकी वास्तविक क्षमता को उजागर कर सकते हैं। उन्होंने कहाकि महिला सशक्तिकरण केवल एक आर्थिक आवश्यकता नहीं है, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन है और जब एक महिला सशक्त होती है तो वह अपने परिवार, अपने समुदाय और पूरे देश का उत्थान करती है। जयंत चौधरी ने कहाकि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से बालक-बालिकाओं को समान अवसर प्रदान करने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे उन्हें अपने करियर में सीखने और उत्कृष्टता प्राप्त करने के अनेक अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने कहाकि हम अपने देश के युवाओं में जागरुकता पैदा करके स्कूलों और कॉलेजों में एआई से संबंधित पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी भी कर रहे हैं। जयंत चौधरी ने कहाकि एमएसडीई के तत्वावधान में और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान की कार्यांवित तथा नीति आयोग की संयुक्त साझेदारी में स्वावलंबिनी पहल का उद्देश्य युवा महिलाओं केलिए एक संरचित और चरणबद्ध उद्यमशीलता यात्रा की स्थापना करना है।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने कहाकि यह कार्यक्रम महिला प्रतिभागियों को जागरुक, कौशल विकास, मार्गदर्शन और वित्तपोषण सहायता सहित विभिन्न चरणों से रू-ब-रू कराएगा। उन्होंने कहाकि महिलाओं के नेतृत्व वाले आशाजनक उद्यमों को बढ़ावा और मान्यता प्रदान करके भारत में महिला उद्यमिता के भविष्य केलिए मानक स्थापित करना है। जयंत चौधरी ने कहाकि पूर्वी क्षेत्र के कई उच्च शिक्षण संस्थानों में इसकी सफल शुरूआत केबाद जिनमें ओडिशा में आईआईटी भुवनेश्वर और उत्कल विश्वविद्यालय, शिलांग में नॉर्थ-ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, मेघालय में जोवाई और री भोई कॉलेज में कियांग नांगबाह सरकारी कॉलेज, मिजोरम विश्वविद्यालय, मिजोरम में चम्फाई और लुंगलेई सरकारी कॉलेज में सरकारी चम्फाई कॉलेज, गुवाहाटी में हांडिक गर्ल्स कॉलेज, असम में दिसपुर कॉलेज और गुवाहाटी विश्वविद्यालय शामिल हैं, स्वावलंबिनी कार्यक्रम को अब देशके अन्य क्षेत्रोंमें विस्तारित किया जा रहा है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय और मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में भी स्वावलंबिनी कार्यक्रम का वर्चुअल शुभारंभ किया गया, जिससे देशके विभिन्न क्षेत्रों में इस पहल की पहुंच बढ़ गई है।
स्वावलंबिनी कार्यक्रम संरचित प्रशिक्षण, सलाह और नीति समर्थन से देश में महिला उद्यमिता के भविष्य को फिरसे परिभाषित करने केलिए तैयार है। इसकी शुरुआत उद्यमिता जागरुकता कार्यक्रम से होती है, जो दो दिवसीय कार्यशाला है, जिसका उद्देश्य लगभग 600 महिला छात्रों को मौलिक उद्यमशीलता अवधारणाओं, बाज़ार के अवसरों और आवश्यक व्यावसायिक कौशल से परिचित कराना है। इसके बाद महिला उद्यमिता विकास कार्यक्रम होता है, जो 300 चयनित छात्रों केलिए 40 घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम है। ईडीपी में व्यवसाय विकास, वित्त पहुंच, बाज़ार संबंध, अनुपालन और कानूनी सहायता के महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को अपने विचारों को स्थायी व्यावसायिक उपक्रमों में बदलने में मदद करने केलिए छह महीने की मेंटरशिप और हैंडहोल्डिंग सहायता प्रणाली को शामिल किया गया है। कार्यक्रम में एक संकाय विकास कार्यक्रम भी शामिल है, जिसमें भाग लेनेवाले उच्च शिक्षा संस्थानों के संकाय सदस्य पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र से गुजरते हैं। यह पहल शिक्षकों को उनके संस्थानों में महत्वाकांक्षी महिला उद्यमियों को सलाह देने और मार्गदर्शन करने केलिए आवश्यक कौशल से लैस करती है।
स्वावलंबिनी कार्यक्रम केतहत सफल महिला उद्यमियों को मान्यता और पुरस्कृत किया जाएगा, जिससे भावी प्रतिभागियों को प्रेरणा मिलेगी। यह कार्यक्रम महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के विकास को समर्थन देने केलिए कार्यशालाओं, बीज वित्तपोषण और संरचित मार्गदर्शन का लाभ प्रदान कराएगा। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करनेवाले पारिस्थितिकी तंत्र की वकालत करके स्वावलंबिनी उत्तर भारत और उसके बाहर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करने केलिए तैयार है। इस पहल का उद्देश्य यह हैकि ईडीपी-प्रशिक्षित प्रतिभागियों में से कम से कम 10 प्रतिशत सफल उद्यम स्थापित करे, जिससे भारत में आत्मनिर्भर महिला नेतृत्व वाली उद्यमशीलता परिदृश्य के व्यापक दृष्टिकोण में योगदान मिले। मेरठ, वाराणसी और तेलंगाना में शुभारंभ और पूर्व में सफल कार्यांवयन केसाथ यह कार्यक्रम महिलाओं को व्यवसायिक नेतृत्व, नवप्रवर्तक और परिवर्तन निर्माता के रूपमें सशक्त बना रहा है। इस दौरान राष्ट्रीय उद्यमिता एवं लघु व्यवसाय विकास संस्थान ने कौशल विकास नेटवर्क केसाथ दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। एसडीएन एक भारतीय ट्रस्ट है, जो विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम-2010 केतहत पंजीकृत है और भारत में वाधवानी फाउंडेशन का कार्यांवयन भागीदार है तथा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ केसाथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने विश्व आर्थिक मंच-2025 में ‘कौशल और नवाचार केलिए दूरदृष्टि केसाथ नेतृत्व करना’ पर एक रिपोर्ट भी लॉंच की, जो कौशल विकास और नवाचार में भारत की परिवर्तनकारी प्रगति पर प्रकाश डालती है, जो अपने कार्यबल को भविष्य केलिए तैयार क्षमताओं से लैस करने केलिए देश की प्रतिबद्धता को पुष्ट करती है। रिपोर्ट में उभरते रोज़गार रुझानों, उद्योग सहयोग और वैश्विक कौशल एजेंडे को आकार देने में भारत की भूमिका पर डब्ल्यूईएफ-2025 में हुई गोलमेज और पैनल चर्चाओं में साझा कीगई प्रमुख अंतर्दृष्टि को रेखांकित किया गया है। कार्यक्रम में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्रीशैल मालगे, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कुलपति संगीता शुक्ला, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधिकारी, डॉ लक्ष्मीकांत बाजपेयी सांसद राज्यसभा, डॉ राजकुमार सांगवान सांसद लोकसभा बागपत, चंदन चौहान सांसद लोकसभा बिजनौर, धर्मेंद्र भारद्वाज एमएलसी उत्तर प्रदेश, हाजी गुलाम मुहम्मद विधायक सिवालखास मेरठ, अतुल प्रधान विधायक सरधना मेरठ, गौरव चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष मेरठ, अमित अग्रवाल विधायक मेरठ कंटोनमेंट मेरठ और सहयोगी संस्थान भी उपस्थित थे।

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