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त्रिपुरा में 35 साल पुराना सशस्त्र संघर्ष समाप्त!

केंद्र और त्रिपुरा सरकार, एनएलएफटी एवं एटीटीएफ में समझौता

शांतिपूर्ण समृद्ध उग्रवाद मुक्त पूर्वोत्तर में मील का पत्थर-गृहमंत्री

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 5 September 2024 04:16:47 PM

agreement between the center and tripura government, nlft and attf

नई दिल्ली। भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स केबीच नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिसमें त्रिपुरा में 35 साल पुराने सशस्त्र संघर्ष की समाप्ति की शर्त है। इस मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि ये समझौता नरेंद्र मोदी सरकार के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उग्रवादमुक्त नॉर्थईस्ट के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अमित शाह ने कहाकि यह दिन पूरे देश और त्रिपुरा केलिए बेहद महत्वपूर्ण है, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स ने 35 साल से त्रिपुरा में चल रहे सशस्त्र संघर्ष को समाप्त करने केलिए हथियार छोड़कर मुख्यधारा में आने और पूरे त्रिपुरा के विकास केप्रति अपनी कटिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने कहाकि जबसे नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने तबसे शांति और संवाद के माध्यम से एक सक्षम और विकसित नॉर्थईस्ट की कल्पना उन्होंने देश के सामने रखी है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि नॉर्थईस्ट के लोगों और दिल्ली केबीच बड़ा फासला था, जिसे सड़क, रेल और विमान के ज़रिए तो कम किया ही गया है, साथही दिलों केबीच की दूरी को भी पाटने का काम किया गया है। उन्होंने कहाकि भारत सरकार ने अष्टलक्ष्मी कॉन्सेप्ट और पूर्वोदय को मिलाकर त्रिपुरा सहित पूरे नॉर्थईस्ट के विकास का संकल्प लिया है, जिसमें यह समझौता एक मील का पत्थर साबित होगा। गृहमंत्री ने कहाकि यह समझौता नॉर्थईस्ट केलिए 12वां और त्रिपुरा से जुड़ा तीसरा समझौता है, इनके माध्य़म से अबतक लगभग 10 हज़ार उग्रवादी हथियार छोड़कर मेनस्ट्रीम में आए हैं। उन्होंने कहाकि इन 12 समझौतों के ज़रिए दोनों तरफ से हज़ारों लोगों की मृत्यु के कारण को रोकने की बड़ी पहल की गई है। अमित शाह ने कहाकि समझौते के तहत 328 से अधिक सशस्त्र कैडर हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर न सिर्फ विकसित त्रिपुरा, बल्कि विकसित भारत के निर्माण में भी योगदान दे सकेंगे। अमित शाह ने कहाकि भारत सरकार ने सभी समझौतों में उस क्षेत्र के विकास और उनके द्वारा हथियार उठाने के कारणों को खत्म करने केलिए दिल से और संवेदनशीलता केसाथ प्रयास कर रही है। उन्होंने कहाकि केंद्र सरकार ने त्रिपुरा की जनजातीय आबादी के समग्र विकास केलिए 250 करोड़ रूपए के विशेष पैकेज को मंज़ूरी दी है।
गृहमंत्री ने कहाकि मोदी सरकार ने सभी समझौतों को अक्षरश: ज़मीन पर उतारा है। उन्होंने कहाकि इतिहास गवाह हैकि मोदी सरकार ने हर शांति समझौते को दिल से और अक्षर और भावना केसाथ ज़मीन पर उतार कर दिखाया है। उन्होंने कहाकि ब्रू-रियांग समझौता होने केबाद हज़ारों ब्रू-रियांग भाई अपने घरों में रह रहे हैं, उनके बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ रहे हैं, उनके रोज़गार की चिंता की जा रही है और भारत सरकार और राज्य सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उन्हें मिल रहा है। गृहमंत्री ने कहाकि सरकार इस समझौते का भी पूरी तरह पालन करेगी और गृह मंत्रालय सभीकी अपेक्षाओं को पूरा करने का हरसंभव प्रयास करेगा। उन्होंने कहाकि हमसब मिलकर एक सशक्त त्रिपुरा के निर्माण की दिशा में काम करेंगे। अमित शाह ने कहाकि मोदी सरकार ने 2015 में ही त्रिपुरा से एएफएसएपीए को हटा लिया था, अधिकांश नॉर्थईस्ट से भी एएफएसपीए को हटा लिया गया है। उन्होंने कहाकि मोदी सरकार सशस्त्र बलों की जगह विकास के माध्यम से नॉर्थईस्ट की जनता विशेषकर आदिवासी समूहों की संस्कृति, भाषा, पहचान आदि को संरक्षित रखते हुए पूरे नॉर्थईस्ट के विकास केप्रति कटिबद्ध है।
भारत सरकार, त्रिपुरा सरकार, नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स केबीच हुए समझौते केतहत नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स ने हिंसा का रास्ता छोड़ने, अपने सभी हथियार और गोला-बारूद डालने और अपने सशस्त्र संगठनों को भंग करने पर सहमति जताई है। इसके अलावा नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स के शस्त्र कैडरों ने कानून के स्थापित शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने और देश की अखंडता को बनाए रखने पर भी सहमति जताई है। समझौते पर हस्ताक्षर के दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा, गृह मंत्रालय और त्रिपुरा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ माणिक साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पूरे नॉर्थईस्ट में शांति, समृद्धि और सद्भावना स्थापित करने केलिए आभार प्रकट किया।

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