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Thursday 10 October 2024 04:46:31 PM
वियनतियाने (लाओस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 21वें आसियान-भारत और 19वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भाग लेने केलिए लाओस के प्रधानमंत्री सोनेक्से शिफानडोन के निमंत्रण पर वियनतियाने लाओ पीडीआर की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री ने लुआंग प्राबांग के प्रतिष्ठित रॉयल थिएटर की प्रस्तुत लाओ रामायण, जिसे फलक फलम या फ्रा लक फ्रा राम कहा जाता है की एक श्रृंखला देखी। उन्होंने इस अनुभव को साझा करते हुए कहाकि विजयादशमी कुछही दिन दूर है और आज लाओ पीडीआर में मैंने लाओ रामायण का एक हिस्सा देखा, जिसमें प्रभु श्रीराम की रावण पर विजय को दर्शाया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह देखकर खुशी हुईकि यहां के लोग रामायण से जुड़े हुए हैं, प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद हमपर हमेशा बना रहे! प्रधानमंत्री ने कहाकि लाओस में आजभी रामायण केप्रति लोगों में काफी उत्साह है, यह महाकाव्य दोनों देशों केबीच साझा विरासत और सदियों पुरानी सभ्यता के संबंध को दर्शाता है। उन्होंने कहाकि भारतीय संस्कृति और परंपरा के कई पहलुओं को सदियों से लाओस में अनुप्रयोग और संरक्षित किया गया है, दोनों देश अपनी साझा विरासत को संवारने केलिए मिलकर काम कररहे हैं। उन्होंने बतायाकि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण लाओस में वाट फू मंदिर और संबंधित स्मारकों के जीर्णोद्धार में शामिल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले लाओ पीडीआर के सेंट्रल बुद्धिस्ट्स द फैलोशिप ऑफ ऑर्गनाइजेशन के वरिष्ठ बौद्ध भिक्षुओं के आशीर्वाद समारोह में भाग लिया, जिसका नेतृत्व वियनतियाने में सी साकेत मंदिर के मठाधीश महावेथ मसेनई ने किया। उन्होंने कहाकि भारत और लाओस केबीच साझा बौद्ध विरासत घनिष्ठ सभ्यतागत संबंधों के एक और पहलू का प्रतिनिधित्व करती है। गौरतलब हैकि इसवर्ष भारत की एक्ट ईस्ट नीति का एक दशक पूरा हो रहा है। इस अवसर पर गृहमंत्री, शिक्षा और खेल मंत्री, बैंक ऑफ लाओ पीडीआर के गवर्नर और वियनतियाने के मेयर भी उपस्थित थे।