स्वतंत्र आवाज़
word map

भारत महान व्यक्तित्वों से समृद्ध-रक्षामंत्री

मेजर बॉब खाथिंग मेमोरियल कार्यक्रम में भावभीनी श्रद्धांजलि!

'मेजर बॉब खाथिंग का राष्ट्रीय एकीकरण में अनुकरणीय योगदान'

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 19 March 2025 04:28:10 PM

major bob khathing memorial program held in delhi

नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों से सदैव राष्ट्र को सर्वोपरि रखने, एकजुट रहने, सत्‍यनिष्‍ठा केसाथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने केलिए निडरता से आगे बढ़ने का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहाकि यह मेजर बॉब खाथिंग के मूल सिद्धांत थे और हम गर्व केसाथ मेजर बॉब खाथिंग की विरासत को याद करते हैं, जो सच्चे देशभक्त और उत्तरपूर्व के नायक थे, भारत की संप्रभुता और सुरक्षा में उनके उल्लेखनीय योगदान ने पीढ़ियों को प्रेरित करना जारी रखा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने यह विचार माणिकशॉ सेंटर नई दिल्ली में भारतीय सेना, असम राइफल्स और यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया के संयुक्त रूपसे आयोजित मेजर बॉब खाथिंग मेमोरियल कार्यक्रम के पांचवें संस्करण को संबोधित करते हुए व्‍यक्‍त किए। कार्यक्रम का उद्देश्य मेजर बॉब खाथिंग के जीवन और विरासत को सम्मान देना है। मेजर बॉब खाथिंग को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहाकि भारत भाग्यशाली हैकि यहां ऐसे महान व्यक्तित्व हैं, जिनके लिए राष्ट्र की सुरक्षा, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मेजर बॉब खाथिंग को भारत का महान सपूत बताते हुए कहाकि उन्‍होंने युद्ध के मैदान में बहादुरी और कूटनीति के क्षेत्रमें कौशल से देश के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी। राजनाथ सिंह ने कहाकि ऐसे महान व्यक्तित्वों के आदर्शों और सिद्धांतों को अपनाना हमारी जिम्मेदारी है। रक्षामंत्री ने न केवल तवांग, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्रके एकीकरण, विकास और पुनर्निर्माण में मेजर बॉब खाथिंग की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहाकि मेजर बॉब खाथिंग का राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में अनुकरणीय योगदान था, पूर्वोत्तर केलिए उन्होंने जो कार्य किए, वह सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्रीय स्तर पर किएगए कार्य के समान हैं। रक्षामंत्री ने कहाकि मेजर बॉब खाथिंग ने एकभी गोली चलाए बिना तवांग को भारत में कुशलतापूर्वक शामिल किया और नरेंद्र मोदी सरकार ऐसे क्रांतिकारियों के सिद्धांतों पर चल रही है। उन्होंने कहाकि हमारी सरकार ने एकभी गोली चलाए बिना सबसे बड़ी बाधा अनुच्छेद 370 को हटाकर जम्मू कश्मीर का भारत में पूर्ण विलय कर लिया है और यह कार्य हितधारकों को ध्यान में रखते हुए पूरी सुरक्षा केसाथ शांतिपूर्ण तरीके से किया गया।
राजनाथ सिंह ने मेजर बॉब खाथिंग की प्रशासनिक दक्षता विशेष रूपसे सशस्त्र सीमा बल और नागालैंड सशस्त्र पुलिस के गठन व ऐसे कई और सुधारों में उनके योगदान का उल्‍लेख किया। उन्होंने कहाकि मोदी सरकार प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन और सुशासन के माध्यम से हमने लोगों और सरकार केबीच के अंतर को कम किया है। डिजिटल इंडिया और जनधन, आधार, मोबाइल ट्रिनिटी के माध्यम से आज प्रशासन अधिक जनउन्मुख हो चुका है। रक्षामंत्री ने कहाकि भारत की विदेश नीति मेजर बॉब खाथिंग जैसे व्यक्तित्वों के कूटनीतिक कौशल पर आधारित है। उन्होंने कहाकि भारत बहुध्रुवीय विश्व में व्याप्त अनिश्चितताओं केबीच अपनी हार्ड पॉवर और सॉफ्ट पॉवर केबीच संतुलन बनाए हुए है। उन्होंने कहाकि यह बहुत गर्व की बात हैकि भारत ने अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है, दुनिया के सामने एक मजबूत और संगठित भारत है, एक समय था, जब अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन आज जब हम बोलते हैं तो दुनिया सुनती है, यह मेजर बॉब खाथिंग के आदर्शों से प्रेरित है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि मेजर बॉब खाथिंग जैसे व्यक्तित्वों से प्राप्त संगठनात्मक कौशल के कारण भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत बनाने केलिए संगठित रहने की आवश्यकता पर बल दिया। गौरतलब हैकि रक्षामंत्री ने अक्टूबर 2024 में तवांग में मेजर रालेंगनाओ 'बॉब' खाथिंग 'वीरता संग्रहालय' का वर्चुअल उद्घाटन किया था, उनका तवांग जाने काभी कार्यक्रम था, लेकिन खराब मौसम के कारण वे नहीं जा सके। राजनाथ सिंह ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के निवासियों की इच्छाशक्ति और साहस की सराहना करते हुए कहाकि वह चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रहने के बावजूद राष्ट्र निर्माण में बढ़चढ़कर योगदान दे रहे हैं। राजनाथ सिंह ने भारत की विकास यात्रा में पूर्वोत्तर की भूमिका को स्वीकार किया और इस क्षेत्र की प्रगति केलिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि हमने पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी है, इनमें बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 13000 फीट की ऊंचाई पर बनाई गई सेला सुरंग शामिल है, जो असम के तेजपुर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग से जोड़ती है। अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे के खुलने से यह पूर्वोत्तर क्षेत्र विशेष रूपसे सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा, लगभग 2000 किलोमीटर लंबा यह राजमार्ग भारत केलिए एक रणनीतिक और आर्थिक परिसंपत्ति के रूपमें काम करेगा।
रक्षामंत्री ने कहाकि नरेंद्र मोदी सरकार की विकास परियोजनाओं का ही परिणाम हैकि पूर्वोत्तर तेजीसे विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और यहां हिंसक घटनाओं में काफी कमी आई है। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स में जारी '2025 में भ्रमण योग्‍य 52 स्‍थलों' लेख का उल्‍लेख किया, जिसमें असम को चौथे स्थान पर रखा गया है। राजनाथ सिंह ने मेजर बॉब खाथिंग की उपलब्धियों और स्थायी विरासत को प्रदर्शित करने वाली एक फोटो गैलरी देखी। उन्होंने मेजर खाथिंग के जीवन और सेवाओं को दर्शाती एक फिल्म की स्क्रीनिंग में भी भाग लिया। कार्यक्रम में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, सांसद अल्फ्रेड कन्नगम आर्थर, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा, यूएसआई के महानिदेशक मेजर जनरल बीके शर्मा (सेवानिवृत्त) और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। असम राइफल्स के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल पीसी नायर (सेवानिवृत्त) ने ‘मेजर बॉब खाथिंग के तवांग अभियान के निहितार्थों को समझना’ शीर्षक पर मुख्य भाषण में मेजर खाथिंग के अभियान के रणनीतिक प्रभावों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके स्थायी प्रभाव के बारेमें जानकारी दी। मेजर बॉब खाथिंग के बेटे जॉन खाथिंग ने भी अपने पिता से जुड़ी यादें साझा कीं, जिससे इस स्मरणोत्सव में एक व्यक्तिगत आयाम भी जुड़ गया। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर की समृद्ध और विविध विरासत को प्रदर्शित करनेवाली मंडलियों की जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण थीं।

हिन्दी या अंग्रेजी [भाषा बदलने के लिए प्रेस F12]