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Tuesday 1 April 2025 04:27:37 PM
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलीबार भारत यात्रा पर आए चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस नई दिल्ली में राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक केसाथ आज संयुक्त प्रेस वक्तव्य में कहाकि राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक की चिली और भारत की मित्रता एवं घनिष्ठ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता वाकयी अद्भुत है। नरेंद्र मोदी ने इसके लिए उनका विशेष अभिनंदन किया और उनके साथ आए विशिष्ट प्रतिनिधिमंडल का भी हार्दिक स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत केलिए चिली लैटिन अमेरिका में एक महत्वपूर्ण मित्र और पार्टनर देश है एवं आजकी चर्चाओं में हमने आनेवाले दशक में सहयोग बढ़ाने केलिए कई नई पहलों की पहचान की है। उन्होंने कहाकि आपसी व्यापार और निवेश में वृद्धि का हम स्वागत करते हैं और हम सहमत हैंकि अधिक सहयोग की अभीभी अप्रयुक्त संभावनाएं हैं। उन्होंने कहाकि आज हमने एक पारस्परिक लाभकारी व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते पर चर्चा शुरू करने केलिए अपनी टीम्स को निर्देश दिए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि महत्वपूर्ण खनिज के क्षेत्रमें साझेदारी को बल दिया जाएगा, लचीली आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला को स्थापित करने केलिए काम किया जाएगा, कृषि के क्षेत्रमें एकदूसरे की क्षमताओं को जोड़कर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने केलिए सहयोग किया जाएगा। उन्होंने कहाकि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, रेलवे, अंतरिक्ष तथा अन्य क्षेत्रोंमें भारत अपना सकारात्मक अनुभव चीले केसाथ साझा करने केलिए तैयार है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम चिली को अंटार्कटिका के गेटवे के रूपमें देखते हैं, इस महत्वपूर्ण क्षेत्रमें सहयोग बढ़ाने केलिए आज दोनों पक्षों केबीच आशय पत्र पर बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि भारत, चिली की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक विश्वसनीय भागीदार है, हम इस सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहाकि यह खुशी का विषय हैकि चिली के लोगों ने योग को स्वस्थ जीवनशैली के रूपमें अपनाया है और 4 नवंबर को चिली में राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया जाना हम सभी केलिए प्रेरणादायक है एवं हमने चिली में आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में भी सहयोग बढ़ाने पर विचार किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि रक्षा क्षेत्रमें बढ़ता सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास का प्रतीक है, हम इस क्षेत्रमें एकदूसरे की जरूरतों के अनुसार रक्षा इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चैन तैयार करने केलिए आगे बढ़ेंगे एवं संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद जैसी साझा चुनौतियों का सामना करने केलिए हम दोनों देशों की एजेंसियां केबीच सहयोग बढ़ाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि वैश्विक स्तरपर भारत और चिली सहमत हैंकि सभी तनावों और विवादों का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए, हम एकमत हैंकि वैश्विक चुनौतियों का सामना करने केलिए संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद तथा अन्य संस्थानों में सुधार की आवश्यकश्यकता है और हम मिलकर वैश्विक शांति और स्थिरता में योगदान देते रहेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि विश्व के मानचित्र पर भारत और चिली भले ही अलग छोर पर हों, हमारे बीच भले ही विशाल महासागरों की दूरी हो, किंतु प्रकृति ने हमें अनोखी समानताओं से जोड़ा है। उन्होंने कहाकि भारत के हिमालय और चिली के एंडीज पर्वतों ने हजारों वर्ष से दोनों देशों में जीवनधारा को आकार दिया है, भारत में हिंद महासागर की लहरें उसी ऊर्जा से बहती हैं जैसे-प्रशांत महासागर की तरंगें चिली के तटों को छूती हैं। उन्होंने कहाकि दोनों देश न केवल प्राकृतिक रूपसे जुड़े हैं, बल्कि हमारी संस्कृतियां भी इसी विविधता को अपनाते हुए एकदूसरे के करीब हैं।
नरेंद्र मोदी ने कहाकि चिली की महान कवि और नोबेल लॉरीयेट गैब्रिएला मिस्ट्रल को रबिंद्रनाथ टैगोर और ऑरोबिंदों घोष के विचारों में प्रेरणा मिली, उसी तरह भारत में भी चिली के साहित्य को सराहा गया, चिली के लोगों में भारत की फ़िल्में, व्यंजन, शास्त्रीय नृत्य में बढ़ती रुचि हमारे सांस्कृतिक संबंधों का जीवंत उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि आज चिली को अपना घर मानने वाले लगभग चार हज़ार भारतीय मूल के लोग हमारी इस साझा विरासत के संरक्षक हैं और इनकी देखरेख केलिए उन्होंने चिली के राष्ट्रपति और सरकार को आभार व्यक्त किया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज दोनों देशों केबीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम पर बनी सहमति का हम स्वागत करते हैं, हमने दोनों देशों केबीच वीजा प्रक्रिया को सरल करने पर भी विचार किया, हम भारत और चिली केबीच छात्रों के आदान-प्रदान बढ़ाने केलिए भी प्रयास करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक से विश्वास जताते हुए कहाकि उनकी इस भारत यात्रा से दोनों देशों केबीच संबंधों में एक नई ऊर्जा और उत्साह का सृजन हुआ है एवं इससे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों केसाथ-साथ पूरे लैटिन अमेरिका क्षेत्रमें भारत और चिली के मजबूत सहयोग को नई गति और दिशा मिलेगी।