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भारत राष्ट्रवाद से ओतप्रोत-उपराष्ट्रपति

अरुणाचल प्रदेश में संयुक्त मेगा न्योकुम युल्लो समारोह

'एक्ट ईस्ट नीति से पूर्वोत्तर में वृहद विकास और समृद्धि'

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Thursday 27 February 2025 12:24:08 PM

vice president jagdeep dhankhar

ईटानगर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अरुणाचल प्रदेश के कामले ज़िले के बोसिमला में पहले 'संयुक्त मेगा न्योकुम युल्लो' समारोह को संबोधित किया और कहाकि कई दशक पहले 'लुक ईस्ट' नीति शुरू की गई थी, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार ने 'एक्ट ईस्ट' नीति में बदल दिया, क्योंकि केवल देखना ही काफी नहीं है, कार्रवाई भी ज़रूरी है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि 'एक्ट ईस्ट' नीति के अंतर्गत आज हम पूर्वोत्तर राज्यों में विकास और समृद्धि के उल्लेखनीय बदलाव देख रहे हैं, चाहे हवाई यात्रा हो, हवाई अड्डे हों, रेलवे और सड़क संपर्क हो या फिर इंटरनेट की उपलब्धता हो ये सभी अरुणाचल प्रदेश की प्रगति के संकेतक हैं। जगदीप धनखड़ ने यह भी कहाकि अरुणाचल प्रदेश में 50000 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता है, एक मेगावाट बिजली उत्पादन केलिए 10 करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होती है, जिसका अर्थ हैकि अरुणाचल प्रदेश में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू का जिक्र करके कहाकि भारत के इतिहास में पहलीबार बौद्ध समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है और एक बौद्ध नेता को कैबिनेट मंत्री का पदभार भी दिया गया है, इस ऐतिहासिक घटनाक्रम ने संपूर्ण विश्व को मजबूत संदेश दिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के योगदान की सराहना करते हुए कहाकि किरेन रिजिजू केंद्र में वरिष्ठ और प्रभावशाली मंत्री हैं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वास जीता है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि 140 करोड़ लोगों के देश में जहां पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में दो दर्जन से अधिक मंत्री हैं, किरेन रिजिजू का बार-बार मंत्रिमंडल में शामिल होना इसबात का प्रमाण हैकि अरुणाचल प्रदेश में हर स्थिति और परिस्थिति में निरंतर विकास हो रहा है। वे चार बार लोकसभा केलिए चुने गए हैं। उपराष्ट्रपति ने कहाकि यह तथ्य पुष्टि करता हैकि भारत अद्वितीय राष्ट्र है और हमें राष्ट्रवाद से ओतप्रोत रहना चाहिए। उन्होंने कहाकि किसीभी परिस्थिति में हम राष्ट्रीय हित, राष्ट्र केप्रति समर्पण या उसकी सेवा करने के अपने संकल्प से समझौता नहीं कर सकते।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भारत की सांस्कृतिक एकता पर प्रकाश डालते हुए पूर्वोत्तरवासियों से कहाकि कोई दूसरा देश भारत जैसा नहीं है, आज आप न्योकुम युल्लो मना रहे हैं तो होली, बैसाखी, लोहड़ी, बिहू, पोंगल और नवान्न जैसे त्यौहार देशभर में मनाए जाते हैं, हम भारत में कहीं भी हों, हमारे विचार और परंपराएं एक ही हैं। उन्होंने कहाकि भारत मजबूत राष्ट्र है, कोईभी हमपर बुरी नज़र नहीं डाल सकता। उपराष्ट्रपति ने अरुणाचल प्रदेश की अपनी पिछली यात्रा को याद करते हुए कहाकि वे जब पहलीबार अरुणाचल प्रदेश आए थे, तब राज्य की स्थापना का उत्सव मनाया जा रहा था और वे यहां भारत की गौरवशाली जनजातियों को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए थे। इस अवसर पर 25-रागा के विधायक रोटम तेबिन, न्यीशी एलीट सोसायटी के अध्यक्ष ताना शोरेन, तानी सुपुन डुकुन के अध्यक्ष एचके शल्ला, प्रथम संयुक्त मेगा न्योकुम युलो उत्सव समिति बोसिमला के अध्यक्ष गुची संजय, केंद्रीय न्योकुम समिति के सहायक महासचिव रब कारा दानी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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