

भारतीय फिल्म पैनोरमा की तीन भाषाओं के कलाकारों और कर्मीदल ने आज यहां मीडिया से मुलाकात की। मराठी फिल्म ‘अस्तु‘ की निर्देशक सुमित्रा भावे ने सूचित किया कि उनकी फिल्म हमारे चारों तरफ अब क्या घट रहा है, उसके बारे में है। शायद एक वृद्ध व्यक्ति जो अपनी स्मरण शक्ति खो चुका है, इसे समझ सकता है। यह डिमेंशिया से पीड़ित...

गोआ में चल रहे फिल्म समारोह में ओडिया फिल्म निर्देशक सव्यसांची महापात्रा ने बुजुर्गों को समाज पर बोझ नहीं, बल्कि धरोहर बताया और कहा कि बुजुर्ग समाज की अगुवाई और मार्ग-दर्शन हेतु सर्वोत्कृष्ट मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2035 तक देश में हर पांच में से एक व्यक्ति 65 वर्ष का होगा। बुजुर्गों को देश के युवकों के लिए...

गोवा में चल रहे 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्सव में विश्व सिनेमा खंड में दिखाई जा रही फिल्मों के विदेशी निर्देशकों की आज यहां पत्रकारों से मुलाकात हुई। इस पैनल में मैक्सिकों में निर्माता-निर्देशक एडुआर्डो रोसॉफ और इटली के लेखक-निर्देशक एंटोनियो पियाज्ज़ा एवं फैबियो ग्रैसाडोनिया शामिल हैं...

“जल” के निर्देशक गिरीश मलिक आज यहां प्रेस से मिले। उनका साथ जल के पात्र पूरब कोहली और कीर्ति कुल्हारी ने दिया। इस अवसर पर फिल्म के निर्माता पुनीत सिंह भी उपस्थित थे। मीडिया से गिरीश मलिक ने कहा कि दुनिया के सामने जल का सवाल है और पूरी दुनिया में इस पर चर्चा हो रही है। भारत में भी इस पर कई कहानियां कही गयी हैं...

भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की मुख्य अतिथि अभिनेत्री सुसान सरंडॉन ने पणजी में कहा है कि मैं अभिनेत्री इसलिए हूं, क्योंकि मेरी कल्पना शक्ति बहुत दृढ़ है, जो मुझे लोगों की पीड़ा और उनकी खुशी दोनों के प्रति सहानुभूति दिखाती है। ये दोनों गुण आपस में जुड़े हुए हैं और यही गुण अभिनय क्षमता प्रदान करते हैं। सुसान,...

निर्देशकों के निर्देशक और 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के लाईफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार विजेता जिरी मैनजेल ने कहा कि जीवन जीने के लिए अच्छा है और उनकी फिल्में जिंदगी का एक उत्सव हैं। श्री मैनजेल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। अपनी फिल्मों का जिक्र करते हुए जिरी मैनजेल ने कहा...

भारतीय फिल्मों के जाने-माने फिल्म अभिनेता और निर्देशक मनोज कुमार ने सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री मनीष तिवारी, सूचना प्रसारण मंत्रालय में सचिव बिमल जुल्का और प्रेम चोपड़ा, सुभाष घई और मनोज बाजपेयी जैसी फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी में आज 44वें भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह (आईएफएफआई) के भारतीय...
गोवा में 44वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में पोलैंड के जाने-माने फिल्म निर्देशक एग्निएस्का हॉलैंड की गुजरे जमाने की याद दिलाने वाली छह फिल्में प्रदर्शित की जा रही हैं, ताकि फिल्म प्रेमी उनके विषय वस्तु और कला से परिचित हो सकें। उनकी फिल्मों के क्षरित होते हुए आदर्श, पहचान का संकट, मानव निराशा और मानवता की बीमारियों पर जीत हासिल करने के सार्वभौमिक संघर्ष का चित्रण होता है।...
गोवा में होने वाले 44वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में सबका ध्यान जापान पर है। इस अवसर पर एनिमेशन तथा फीचर दोनों फिल्में दिखाई जाएंगी। एनिमेशन फिल्मों की सूची में शामिल हैं-माकोटो शिकांई ‘द गार्डन ऑफ वर्ड्स’, मामोरु होसोदा की ‘वोल्फ चिल्ड्रन’ तथा ताकायुकी हामाना की ‘लाइब्रेरी वार द विंग्स ऑफ रिवॉल्यूएशन’। फीचर फिल्मों में शामिल हैं-कजूया शिरैषी की...

सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि फिल्म महोत्सव के आयोजकों की प्रतिबद्धता दोगुनी हो गई है, क्योंकि भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2013 के संस्करण के मौके पर भारतीय सिनेमा सौ साल पूरे करके नई शताब्दी की शुरूआत कर रहा है। गोआ में 44वें अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव के उद्घाटन से पहले मीडियाकर्मियों...
बच्चों के 18वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में ‘जेंडर कंटेट-गर्ल्स मेड विजिबल’ के खुले मंच से बोलते हुए डेनमार्क के फिल्म निर्माता विबेका नोएर्गार्ड मुआसया ने कहा कि नारी मुक्ति के सभी मोर्चों पर श्रेष्ठता हासिल करने के बाद भी स्कैंडिनेवियाई देशों में महिला केंद्रीत फिल्मों की संख्या नगण्य है। मुआसया ने बताया कि इस क्षेत्र में महिला केंद्रीत फिल्मों के निर्माण में...
बच्चों के 18वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में प्रदर्शन के लिए चुनी गई फिल्म ‘तमाश’ के अनुसार स्निग्धा सिंह सबसे सुखी मां है। फिल्म का निर्माण उनके बेटों सत्यांशु सिंह और देवांशु सिंह ने किया है। स्निग्धा सिंह ने कहा कि प्रत्येक मां की तरह मैं भी बेहद खुश हूं कि उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है, यद्यपि यह उनकी पहली सफलता है। पीआईबी में बोलते हुए सत्यांशु ने कहा कि एक व्यवसायिक...
आंध्र प्रदेश के फिल्म निर्माता एन गोपाल कृष्ण ने कम बजट की फिल्में बनाने पर जोर दिया है। आईसीएफएफआई मीडिया सेंटर में अपनी पुस्तक 'बर्थ ऑफ सिनेमा' के विमोचन के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की फिल्मों के प्रदर्शन के लिए सिनेमाघरों की व्यवस्था करके, उनके प्रचार और मनोरंजन-कर को कम करके उन्हें संरक्षण प्रदान कर...
हालैंड की फिल्म निर्देशक सेनेटी नेये ने कहा है कि बाल फिल्मों की मार्केटिंग कोई आसान काम नहीं है और इसके लिए बच्चों की फिल्मों को आगे बढ़ाने में लगी सभी एजेंसियों को मिल-जुलकर प्रयास करने की जरूरत है। अठारहवें अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म समारोह में मीडिया से बातचीत के दौरान सुश्री नेये ने बाल फिल्मों की मार्केटिंग की समस्याओं के बारे में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दी...
बच्चों की फिल्मों के लिए वितरण संबंधी समस्याएं दूर करने के लिए भारतीय बाल फिल्म सोसायटी (सीएफएसआई) 18वें अंतर्राष्ट्रीय बाल फिल्म महोत्सव में दिखाई गई सभी फिल्मों का विरणन करेगी। आइसीएफएफआई के संबंध में राज्य की भूमिका: अरब, एशियाई बाल फिल्में पर आयोजित खुले मंच में मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ श्रवण कुमार ने कहा कि बाल फिल्म निर्माण को वाणिज्यिक रूप से वहनीय बनाने की रणनीति बनाई ज...